बिना दवा के लिंग के सख्त ना हो पाने का इलाज

By: Tipsdekho

2018-10

यदि आपको लिंग के उत्तेजन की समस्या है तो ज़रूरी नहीं की दवाइयाँ इकलौता इलाज है- जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव भी इस समस्या को हल कर आपको फिर से फॉर्म में ला सकने में सक्षम हैं, हाल में हुई एक ऑस्ट्रेलियाई रिसर्च के अनुसार।

इरेक्टाइल डिस्कोक्शन (लिंग उत्तेजना में कठिनाई) – यानी सेक्स के लिए पुरुषों के लिंग का सख्त ना हो पाना- असामान्य नहीं है, विशेषकर बढ़ती उम्र के पुरुषों में। रिसर्च में हिस्सा लेने वाले 800 पुरुषों में से एक तिहाई पुरुष 35 साल या उससे ज़्यादा थे जिनके लिए इस समस्या के चलते सेक्स करना ही मुश्किल काम हो गया था। अमरीका में भी एक रिसर्च इस तथ्य की तुलना है। लेकिन ये भी सच है कि ये समस्या केवल मध्य आयु के पुरुषों तक ही सीमित नहीं है, काफी युवा पुरुष भी इस समस्या का सामना करना है।

ऑस्ट्रेलिया में हुई रिसर्च में शुरुआती में पुरुषों से शारीरिक और सेक्स स्वास्थ्य से जुड़े प्रश्न पूछे गए। पांच साल बाद जब वो वापस क्लिनिक लौटे तो उनसे फिर से वही सवाल पूछे गए। रेसेअर्चेर्स ने इस दौरान आये किसी भी कारण से आये परिवर्तन के बारे में जानने की कोशिश की और इन पुरुषों के सेक्स में रुचिस्पी के बारे में भी पुछा …

सब कुछ दिमाग का खेल नहीं

इस बढ़ती समस्या का असली कारन मनोवैज्ञानिक नहीं बल्कि संकुचित पाया गया। बढ़ते वज़न की समस्या, नींद की कमी इत्यादि। लेकिन अच्छी खबर ये था इस समस्या का समाधान अपने दिनचर्या मात्र में बदलाव जाने से किया जा सकता था।

irektail diskokshan (ling uttejana mein kathinaee) – yaanee seks ke lie purushon ke ling ka sakht na ho paana- asaamaany nahin hai, visheshakar badhatee umr ke purushon mein. risarch mein hissa lene vaale 800 purushon mein se ek tihaee purush 35 saal ya usase zyaada the jinake lie is samasya ke chalate seks karana hee mushkil kaam ho gaya tha. amareeka mein bhee ek risarch is tathy kee tulana hai. lekin ye bhee sach hai ki ye samasya keval madhy aayu ke purushon tak hee seemit nahin hai, kaaphee yuva purush bhee is samasya ka saamana karana hai.

ostreliya mein huee risarch mein shuruaatee mein purushon se shaareerik aur seks svaasthy se jude prashn poochhe gae. paanch saal baad jab vo vaapas klinik laute to unase phir se vahee savaal poochhe gae. researchers ne is dauraan aaye kisee bhee kaaran se aaye parivartan ke baare mein jaanane kee koshish kee aur in purushon ke seks mein ruchispee ke baare mein bhee puchha …

sab kuchh dimaag ka khel nahin

is badhatee samasya ka asalee kaaran manovaigyaanik nahin balki sankuchit paaya gaya. badhate vazan kee samasya, neend kee kamee ityaadi. lekin achchhee khabar ye tha is samasya ka samaadhaan apane dinacharya maatr mein badalaav jaane se kiya ja sakata tha.

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