चेचक के लक्षण, कारण और उपाय-Chechak ke karan aur lakshan :-

By: Tipsdekho

2018-06

चेचक के लक्षण, कारण और उपाय- Chechak ke karan aur lakshan :-

मनुष्य की त्वचा बहुत संवेदनशील और परिवर्तनशील होती है जिसे किसी भी वातावरण या परिस्थिति के अनुसार किसी भी रूप में ढाला जा सकता है। इसी कारण लोग अपनी त्वचा की ठीक प्रकार से देखभाल नहीं करते है। ऐसे तो हमारी त्वचा कई समस्याओ से ग्रसित रहती है लेकिन कुछ ऐसी होती है जिनका होना दुखदाई होने के साथ साथ तकलीफदेह भी होता है। इन्ही समस्याओ में से एक है चेचक जो त्वचा पर छोटे छोटे दाने के रूप में उभरती है। चेचक को सामान्य भाषा में बड़ी माता या छोटी माता भी कहा जाता है।

ये समस्या एक प्रकार के वायरस के कारण होती है जो संक्रमण द्वारा एक-से-दूसरे व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करता है। सामान्य रूप से चेचक छोटी उम्र के बच्चो में अधिक होता है लेकिन कई बार लापरवाहियों के कारण ये समस्या बड़ो में भी हो सकती है। ये कोई गंभीर बिमारी नहीं है बल्कि एक प्रकार का संक्रामक रोग है जो संक्रमण से फैलता है। ये रोग किसी भी उम्र के लोगो को हो सकता है चाहें वो बच्चे हो या बड़े।

इस रोग में शरीर पर लाल रंग के दाने होने लगते है जिनमे बाद में पानी भर जाता है और वो फफोले जैसे हो जाते है। शुरुआत में इन दानो में बहुत खुजली होती है जो ठीक होने पर और भी अधिक बढ़ने लगती है। ऐसे में इस समस्या की आधी अधूरी जानकारी आपके लिए हानिकारक हो सकती है, इसलिए आज हम आपको चेचक से जुडी जानकारिया देने जा रहे है जिनकी मदद से आपको इस समस्या से निपटने में मदद मिलेगी।

चेचक क्या है ?

Chechak एक प्रकार का संक्रामक रोग है जो संक्रमण के कारण फैलता है। ये संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में प्रवेश करता है। ऐसे देखा जाये तो ये कोई गंभीर बिमारी नहीं है जिससे छुटकारा नहीं पाया जा सकता। लेकिन सही देखभाल न होने पर और लापरवाही के कारण ये समस्या गंभीर रूप लें सकती जो न केवल हमारे बच्चे के लिए अपितु उसके शरीर के लिए भी हानिकारक हो सकता है। क्योकि ये समस्या अक्सर छोटे बच्चो को अपनी चपेट में लेती है। इसलिये यदि आपका बच्चा भी इस त्वचा संबंधी समस्या से ग्रस्त है तो उसकी सही ढंग से देखभाल करें। ऐसे तो आज कल इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए एलोपैथिक दवाइया भी उपलब्ध है लेकिन कई बार इन दवाइयों का भी विपरीत प्रभाव हो जाता है जिसे Opposite Reaction भी कहते है।

 

कई बार स्थिति गंभीर हो जाने पर Chechak जानलेवा भी हो सकता है। क्योकि ये दाने व्यक्ति के शरीर के बाहर होने के साथ साथ शरीर के अंदर भी होते है और लापरवाही होने पर ये अत्यधिक तकलीफ देने लगते है जिसके कारण बच्चे की मृत्यु भी हो सकती है। एक बात और यदि किसी व्यक्ति को ये बिमारी है तो उसे अन्य व्यक्तिओ से दुरी बनाकर रहना चाहिए क्योकि ये बहुत जल्दी एक से दूसरे व्यक्ति में फैलती है।

चेचक के लक्षण :-

  • Chechak से पीड़ित व्यक्ति/बच्चे को सबसे पहले तेज़ बुखार आता है।
  • बच्चे के शरीर पर लाल दाने होना।
  • धीरे धीरे ये दाने फफोलो का रूप लेने लगते है और पक जाते है।
  • सर्वप्रथम ये दाने चेहरे, सिर, और रीढ़ की हड्डी पर दिखाई देते है।
  • दानो में असहनीय खुजली होना जिनको बार-बार खुजाने का मन करता है।
  • बच्चे का कंठ बार-बार सूखता है जिस कारण उसे पानी पीने का मन करता है।
  • पुरे शरीर में दर्द होना।
  • हृदय चाप (Heart Beat) तेज़ होना।
  • थोड़ी-थोड़ी देर में उल्टियां आना या उल्टियां करने का मन करना।
  • कमर में दर्द होना।

ये कुछ लक्षण है जिनकी मदद से आप चेचक के मरीज को आसानी से पहचान सकते है। यदि इनमे से एक भी लक्षण आपके बच्चे में देखने को मिलता है तो तुरंत उसका उचित इलाज करवाये। क्योकि लापरवाही बरतने पर समस्या गंभीर हो सकती है। आगे हम आपको छोटी माता होने के कुछ कारण बताने जा रहे है जिनका ध्यान रखकर आप अपने बच्चे को इस समस्या से बचा सकते है।

Chechak रोग होने के क्या कारण है ?

चेचक रोग एक प्रकार के वायरस (varicella-zoster) के कारण होता है। जो रोगी के विभिन्न हिस्सो से बाहर आकर वायु मे मिश्रित हो जाता है और संक्रमण फैलाता है। ये वायरस निम्नलिखित मध्यमो द्वारा व्यक्ति के शरीर मे प्रवेश करके इस रोग को विकसित करते है।

 

  • बाहर के दूषित खाने का सेवन करने से।
  • अत्यधिक ठंड पड़ने पर भी ये समस्या उत्पन्न हो सकती है।
  • जिन बच्चो की त्वचा बहुत sensitive होती है उन्हे भी ये रोग अधिक सताता है।
  • नहाने के लिए बहुत Hard साबुन का प्रयोग करने से इन्फेशन का ख़तरा बना रहता है।
  • साफ़ सफाई न रखने से भी हो सकता ये रोग।
  • संक्रमित व्यक्ति के अत्यधिक संपर्क मे आने से।

ये कुछ सामान्य कारण है जिनका ध्यान रखकर आप अपने बच्चे को इस समस्या से बचा सकते है लेकिन ध्यान रखने के बावजूद भी यदि ये समस्या उत्पन्न हो जाती है तो अपने बच्चे का इलाज करवाये और उसकी सही देखभाल करें।

आगे हम आपको कुछ उपाय बताने जा रहे है जिनकी मदद से इस रोग में आराम मिलेगा और इसके बाद रह जाने वाले दागो से भी। क्योकि चेचक होने की सबसे बड़ी समस्या यही है की इसके ठीक होने के बाद इसके दानो के दाग रह जाते है जो बहुत कोशिशो के बावजूद भी नहीं जाते और काफी लंबे समय तक त्वचा पर बने रहते है। इसलिये आज हम आपको इन दागों से छुटकारा पाने के उपाय भी बताएँगे।

चेचक (छोटी माता) में आराम पाने के घरेलु उपाय 

  • छोटी माता मे शरीर पर होने वाले दानो मे बहुत खुजली होती है जिस कारण उन्हे खुजाने का मन करता है। ऐसे मे इन्हे खुजाना नही चाहिए वरना दानो के दाग काफ़ी लंबे समय के लिए शरीर पर रह जाते है। यदि आप जई के आटे को पानी मे मिलाकर उस पानी से स्नान करेंगे तो आपको चेचक मे राहत मिलेगी।
  • भूरे सिरके का प्रयोग भी दानो मे होने वाली खुजली को ख़त्म करने के लिए किया जाता है। इसके लिए चेचक के मरीज के नहाने के पानी मे आधा कप भूरा सिरका डाल दे और उस पानी को अच्छी तरह से मिला दे। अब इस पानी से रोगी को नहलाये, ऐसा करने से रोगी के दानो मे खुजली कम होगी।
  • ऐसे तो नींबू कई बीमारियो मे फायदेमंद होता है लेकिन इसका प्रयोग आप चिकनपॉक्स जैसी समस्या मे भी कर सकते है। इसके लिए नींबू का रस बनाकर चेचक रोगी को दे। उसके शरीर मे होने वाली तकलीफ़ कम होंगी।
  • नीम इस रोग के लिए रामबांड़ का काम करता है। इसलिए अक्सर चेचक के मरीज के कमरे के बाहर, उसके सिरहाने और उसके बिस्तर पर नीम की पत्तिया रखी जाती है। ये नीम की पत्तिया उस वायरस को ख़त्म करने का काम करती है। आप चाहे तो चेचक के दाने पर नीम की छाल या उसकी पत्तियो को पीसकर लगा सकते है। इसके अतिरिक्त नीम की छोटी डालियो से रोगी की हवा करने से वाइरस धीरे धीरे कम होने लगते है।

 

Chechak me rahat pane ke upay 

  • चेचक मे बेकिंग सोडा का प्रयोग करके उसे ठीक किया जा सकता है। इसके लिए आधा चम्मच बेकिंग सोडा ले और उसे एक ग्लास गुनगुने पानी मे मिलाकर रोगी के पूरे शरीर पर लगाएँ। लेप के सूखने के बाद उसे धो दे। धीरे धीरे रोग का प्रभाव कम होने लगेगा।
  • छोटी माता मे रोगी को बहुत तेज़ बुखार आता है जिस कारण व्यक्ति बहुत परेशान रहता है। इस हालत मे तुलसी के पत्ते और अजवाइन रोगी को इस पीड़ा से राहत दिलाने का काम करते है। इसके लिए इन दोनो को एक साथ पीसकर रोज रोगी को पीने के लिए दे।
  • चेचक मे भीगे हुए चनो को हथेली पर रगड़े। ऐसा करने से चेचक के कीटाणु ख़त्म हो जाएँगे।
  • यदि कोई व्यक्ति चेचक से पीड़ित हो तो उसे थोड़ी थोड़ी देर मे शहद चटाते रहना चाहिए। ऐसा करने से उनका जी नही मचलता और दानो के दर्द में आराम मिलता है।

 

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