निमोनिया (Pneumonia) रोग- कारण, लक्षण, उपचार और रोकथाम

By: Tipsdekho

2018-06

निमोनिया (Pneumonia) रोग- कारण, लक्षण, उपचार और रोकथाम

निमोनिया एक गंभीर फेफड़े का संक्रमण है, जो सभी उम्र के लोगो को प्रभावित करता है| लेकिन यह विशेष रूप से बड़ी उम्र के लोगो और छोटे बच्चों के लिए खतरनाक है|

विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है, की दुनियांभर के 160 मिलियन से अधिक बच्चों में है साल निमोनिया का विकास हुआ है| जिनमें दो करोड़ अस्पताल में भर्ती हुए है, और दो लाख बच्चों की मृत्यु हुई है|

दुनियां भर में निमोनिया पांच साल से कम आयु के बच्चों के लिए मृत्यु का एक प्रमुख कारण है| उप-सहारा अफ्रीका इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित है|

निमोनिया की स्थिति (Status of Pneumonia)

विकसित देशों में, एंटीबायोटिक दवाओं और टीकों की पहुचं के बाद भी ज्यादातर बचपन की निमोनिया की घटनाएँ है| हालाँकि विकाशील देशों में, निमोनियां हर साल किसी अन्य एकल कारण से अधिक बच्चों की जान लेता है|जिसमें किसी भी एकल बीमारी युद्ध या अकाल शामिल है|

इस भयानक वास्तविकता के बाबजूद, बचपन के निमोनिया के कार्यक्रम गंभीर रूप से सिमित है|जिनमें बड़ी मात्रा में संसाधन एचआइवी, एड्स और मलेरिया के प्रति समर्पित है| अनुमान बताते है की दुनिया भर में रोकथाम और उपचार के प्रयासों के कार्यान्वन के बाद के बाद से बच्चों की निमोनिया से मृत्यु 1.3 मिलियन को बचाया जा सकता है|

कौन ज्यादा प्रभावित होते है (Who is More Affected)

कोई भी निमोनिया से प्रभावित हो सकता है, लेकिन संक्रमण के अधिक से अधिक जोखिम वाले लोग अनुभव कर सकते है| या वर्तमान की स्थिति को देख सकते है, जैसे

  1. तम्बाकू के धुंए का अनावरण या पहुचना
  2. खराब पोषण और दमा
  3. मधुमेह, सर्दी, इन्फ्लुएंजा
  4. एचआइवी संक्रमण और गरीब आश्रय
  5. अतिप्रजन और आंतरिक और बाहरी प्रदुषण
  6. जीवन के पहले छह महीनों के लिए स्तनपान का आभाव
  7. अपर्याप्त जस्ता का सेवन करना|

निमोनिया से क्या होता है (What Happens तो Pneumonia)

रोगाणुओं के फेफड़ो तक पहुचने के बाद, फेफड़ो में सुजन हो जाती है, और वो द्रव के साथ भर जाते है| यह सांस लेने में कठिनाई का कारण बन जाता है| जिससे रक्त प्रवाह में पर्याप्त आक्सीजन का प्रवेश करना मुश्किल हो जाता है| शरीर की कोशिकाओं के रूप में वे आमतौर पर काम नही कर सकते है| जिसके कारण शरीर से संक्रमण को निकालना मुश्किल हो जाता है|यदि अनुपचारित संक्रमण फैलना जारी रहता है, तो रोगी की मृत्यु हो सकती है|

निमोनियां होने के कारण (Causes to pneumonia)

  1. वैक्टीरिया वायरस या कवक जो आपकी नाक, मुहं द्वारा आपके प्रवेश कर जाते है, जो आपके आसपास के वातावरण में रहते है| जो आपके फेफड़ो में प्रवेश कर सकते है| जिससे संक्रमण द्वारा निमोनियां हो जाता है| आप उन लोगो से भी वैक्टीरिया या वायरस प्राप्त कर सकते है, जिनसे वो संक्रमित होते है| चाहे वह आपको दीखते हो या नही|
  2. विकाशील देशों में बच्चों या वयस्कों में इस रोग का मुख्य कारण स्ट्रेप्टोकोकस न्युमोनिया वैक्टीरिया या न्युमोकोकस है| और अन्य मुख्य कारण हैमोफिलिस इन्फ्लुएंजा या एचआईबी भी होता सकता है|
  3. इस रोग के अन्य भी कारण भी हो सकते है, जैसे इन्फ्लुएंजा, स्टेफ संक्रमण मानव श्वसन सिंसीटीयल वायरस राईनोवोयरस, हर्पससिंप्लेक्स वायरस और गंभीर तीव्र श्वसनसिंड्रोम शामिल है|
  4. इस रोग के सामान्य प्रकार भोजन, तरल पदार्थ, गैसों और कुछ कवकों को सांस के साथ शरीर के अंदर लेने से भी यह रोग हो सकता है|
  5. निमोनियासिस्टीस कैरिनी (निमोनोसिस्टीस जिरोवैसी) निमोनिया (पीसीपी) एक कवक संक्रमण है, जो एचआइवी और एड्स वाले लोगो सहित कमजोर प्रतीक्षा प्रणाली वाले लोगो को प्रभावित कर सकता है|

इस रोग के लक्षण (Symptoms of this Disease)

इस रोग के लक्षण इस प्रकार हो सकते है|

  1. बलगम और खांसी (हरा, भूरा या थोड़ा खुनी) हो सकता है|
  2. हल्का और फी तीव्र गति से बुखार का होना|
  3. थकान का अनुभव होना, और दुर्बलता महसूस होना|
  4. मांसपेशियों में कमजोरी का आभास होना|
  5. भूख न लगना या कम भूख का लगना|
  6. उल्टी और दस्त का लगना|
  7. सिरदर्द और घरघराहट का होना|
  8. साँस लेने में कठिनाई और तेजी से सांस लेने की कोशिस करना|
  9. ठंड लगना और छाती में दर्द का होना|
  10. श्वास के दौरान सिने में वापसी (5 साल से कम उम्र के बच्चों में)
  11. आक्षेप, बैहोसी, हैपोथ्रमियां और सुस्ती का होना (शिशुओं में)
  12. निमोनिया के मामूली रूप जो दैनिक कार्यों में हस्तक्षेपन ही करते है, आमतौर पर इसको चलता निमोनियां के नाम से जाना जाता है|

इलाज (Treatment)

उपचार के विकल्प न्युमोनिया वायरस या वैक्टीरिया के प्रकार पर निर्भर करता है, जिसके साथ एक व्यक्ति संक्रमित होता है|

वैक्टीरियल न्युमोनिया का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं के साथ किया जाता है| यथा संभव निदान की कोशिस की जाती है, और एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग माध्यमिक संक्रमण या जटिलताओं को रोकने के लिए किया जाता है|

आमतौर पर, डाक्टर कुछ लक्षणों की शिकायत के बाद मरीज की जाँच करते है| इसमें छाती एक्सरे और रक्त परिक्षण शामिल हो सकते है| यदि लक्षण अत्यधिक खतरनाक है, या चिकित्सक अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के बिच भेद करने की कोशिस कर रहे है| तो अधिक परिक्षण की कोशिस की जा सकती है|

निर्धारित दवाओं के तुरंत बाद बहुत से मरीज को स्वास्थ्य लाभ महसूस होता है| यदि उपचार के 2 से 3 दिन तक मरीज को बेहतर महसूस न हो तो मरीज को अधिक उपचार की आवश्यकता पड़ सकती है| अस्पताल में रहना पड़ सकता है, यदि लक्षण अत्यधिक खराब हो तो, यदि मरीज को निमोनिया के साथ अन्य बीमारियाँ है, तो पर्याप्त नींद और दूषित वातावरण से बचने की आवश्यकता होती है|

निवारण (Prevention)

  1. अच्छी स्वच्छता और और स्वास्थ्य की आदतों का अभ्यास करना निमोनिया को रोकने में मदद कर सकता है| तम्बाकू का धुवाँ और अन्य प्रदुषण से बचना न्युमोनिया से बचने में मदद कर सकता है|
  2. टिकाकरण करवाना, अंदर और बाहरी प्रदुषण को कम करने और संक्रमण की पहचान करने के लिए चेतावनी के संकेत के बारे में जानकारी होना, विशेष रूप से खांसी, तेज स्वांस और सांस लेने में कठिनाई संक्रमण को रोकने में मदद करेगा|
  3. पहले छह महीने के दौरान बच्चे को स्तनपान न्युमोनियाँ को रोकने में महत्वपूर्ण है, स्तनपान के दूध में पोषकतत्वों एंटीओक्सिडेंट, हार्मोन्स और एंटीबॉडी की एक पौष्टिक आपूर्ति होती है| जिसमें बच्चे को विकास की जरूरत होती है|
  4. कई टिके न्युमोनिया को रोक सकते है| जिनमें शामिल है,

निमोकोकल संयुग्म (पीसीवी)

हिमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी (एचआईबी)

पर्तुसिस (उच्छेदन खासी)

वैरिसेला (चिकनपोक्स)

 

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