शराब पीने के बाद शरीर में क्या क्या होता है – शराब का नशा कितने समय तक रहता है

By: Tipsdekho

2020-03

शराब पीने के बाद शरीर में क्या क्या होता है 

शराब का नशा कितने समय तक रहता है , कभी सोचा है कि शराब के सेवन से दिमाग का हाल जो होता है, आखिर क्यों होता है ऐसा क्या होता है कि शराब पीने के बाद दिमाग सही गलत का फैसला लेने के काबिल नहीं रह पाता.

शराब पीने के बाद शरीर में क्या क्या होता है – अल्‍कोहल के कारण शराब में नशा होता है। अल्कोहल एक रंगहीन तरल है जो अनाज, फल या कुछ सब्जियों में खमीर उठाकर तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया में जो रसायन पैदा होता है उसे एथनॉल कहते हैं।

शराब बनाने के लिए विशुद्ध अल्कोहल में अन्य तत्व मिलाकर उसे पतला किया जाता है। जब कोई आदमी शराब पीता है तो अल्कोहल उसके पेट और आंतों से होते हुए खून में पहुंचता है। यह खून तेजी से शरीर के सभी हिस्सों से होता हुआ मस्तिष्क में पहुंचता है।

दरअसल गले में उतरते ही यह शराब पहुंचती है आपके पेट में जहां 10% एल्कोहल सोख ली जाती है. बाकी की शराब छोटी आंत में जाती हैं जहां खून की नलियों में इसे सोख लिया जाता है. हमारा लीवर 15 मिलीग्राम/प्रति घंटा शराब ही चयापचय (मेटाबॉलाइज़) कर पाता है. यानि इतनी मात्रा की मदीरा को ही ऊर्जा में बदला जा सकता है. इसके ऊपर अगर आपने पी तो शराब शरीर में जमने लगेगी और आपका शरीर नशे के संकेत देने लगेगा.

शराब आपके लीवर में दो एनज़ायम्स की बदौलत मेटाबॉलाइज़ होती है – ADH और ALDH. सबसे पहले शराब को मेटाबॉलाइज़ करने का काम ADH करता है जो इसे एसिटैलडीहाइड में बदलता है. एसिटैलडीहाइड एक जहरीला मिश्रण होता है. हमारे वो सिरदर्द से भरे हैंगओवर की वजह इसे ही माना जाता है. खैर, तो एसिटैलडीहाइड को फिर ALDH, एसिटिक एसिड यानि विनेगर में मेटबॉलाइज़ करता है. दो ड्रिंक के बाद नशे के लक्षण थोड़े नजर आने लगते हैं. इसी वजह से आप कुछ ऐसा करने लगते हैं जो आप होश में शायद ही करें जैसे अपने बॉस से जरूरत से ज्यादा फ्रेंडली होने की कोशिश.

लेकिन शराब हमसे ये सब करवा कैसे लेती है?

हमारे दिमाग में होते हैं गाबा न्यूरोन्स, जिन्हें हम स्टॉप न्यूरोन्स भी कह सकते हैं और ग्लूटोमैटर्जिक या गो न्यूरोन्स जो हमसे काम करवाती है. शराब इन दोनों न्यूरोन्स पर असर डालती है और कुल मिलाकर हमारे दिमाग के काफी ज्यादा हिस्से में काम ठप्प पड़ जाता है. इसमें से एक हिस्सा है प्रीफ्रंटल कोर्टेक्स यानि दिमाग के आगे का हिस्सा. यह काफी सक्रिय होता है लेकिन शराब इसे भी काम का नहीं छोड़ती.

लेकिन शराब पीने के बाद अच्छा क्यों लगता है?

क्योंकि शराब उन न्यूरोन्स को सक्रिय करता है जो हमें अच्छा महसूस करवाते हैं. इसे डोपामीन फील गुड न्यूरोट्रांसमीटर कहते हैं जो शराब के असर का हमें बार बार एहसास दिलाता है और हम एक और ड्रिंक के लिए भागते हैं. और तीन चार ड्रिंक्स के बाद यानि शरीर में 50 मिलीग्राम शराब के जमा होने के बाद तो फिर जो होता है, वही होता है. नशे के और दूसरे असर भी दिखाई पड़ने लगते हैं जैसे पैर लड़खड़ाना.

दस ड्रिंक्स के बाद तो हालत बदतर होते चले जाते हैं. उल्टी, जी घबराना, कुछ याद नहीं आना, ठीक से बोल नहीं पाना, हायपरथर्मिया जब तापमान 104 डिग्री से ऊपर चला जाता है. हायपोवेंटीलेशन जब हम बहुत ही धीमी गति पर सांस ले पाते हैं जिसकी वजह से खून में कार्बन डायऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है. इन सब हालातों से बचने के लिए जरूरी है कि शराब पीते वक्त अपने दिमाग का साथ न छोड़ें.

शरीर में कब तक रहती है शराब?

अगर आपने शराब यानि अल्कोहल का इस्तेमाल किया है, तो इसका पता मूत्र की जांच में चल जाता है और इसकी मौजूदगी मूत्र में 3 से 5 दिन तक रहती है. वहीं, खून में ये 10 से 12 घंटे रह जाती है जबकि बालों की अगर जांच हो, तो 90 दिनों तक शराब का असर रहता है.

एक दिन में कितनी शराब पीनी चाहिए?

  • अगर आप बीयर/ शराब पीते है तो लीजिए आप Occasionally 2 units ड्रिंक्स ले सकते हैं जो कि आपके दिल के दौरों से दूर रखती है और आपकों बाकियों से अलग करते हैं।
  • और अगर आप मदिरापान पीने के शौकीन हैं तो 3 units एक दिन में और 21 units एक हफ्ते में पी सकते हैं।

शराब का नशा कितने समय तक रहता है

कुछ लोग जाने अनजाने बहुत अधिक नशा कर लेते हैं और कई परेशानियों का सामना करते हैं।जब हद से अधिक नशा हो जाये तो उसका असर समाप्त करने के लिए आयुर्वेद में कुछ नुस्खेबताएं गए हैं, जिनसे इसका नशा काफी हद तक उतर जाता है।नशा शरीर में 5 से 6 घण्टे तक रहता है।

शराब का नशा कम करने के घरेलू नुस्खे – शराब का नशा कैसे उतारें.

  • ब्लैक कॉफी शराब के नशे को उतारने में मदद करता है।
  • लेमन जूस से भी शराब का नशा उतरता है।
  • एक नींबू एक कप पानी में निचोडकर पिलाने से लाभ मिलता है।
  • शराबी के सिर पर ठंडा पानी डालने और पिसा हुआ धनिया – शक्कर मिलाकर देने से भी नशा उतरता है।
  • नींबू चूसने व अचार खाने से भी नशा हल्का पड़ जाता है।
  • संतरा खाने से भी नशा उतर जाता है।
  • दही और छाछ से भी नशा उतर जाता है।
    मौत का सौदागर है नशा
  • धूम्रपान की वजह से होने वाली दिल की बीमारी की वजह से हर साल 45 लाख लोगों की मौत हो जाती है।
  • 39 लाख लोग हर साल फेफड़े की बीमारी से घिर जाते हैं।
  • 60 प्रतिशत से ज्‍यादा दिल के मरीजों की उम्र 40 साल से कम है।
  • भारत में मुंह के कैंसर की सबसे बड़ी वजह तंबाकू का सेवन है।
  • 25 करोड़ लोग भारत में तंबाकू की लत के शिकार हैं।
  • सन 2020 तक 15 लाख लोग हर साल तंबाकू की वजह से मौत का शिकार बनेंगे।
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